ममता ने कहा- मर जाऊंगी लेकिन समझौता नहीं करूंगी, केंद्र ने एक वरिष्ठ पद का अपमान किया

शारदा घोटाले में पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार की भूमिका की जांच के लिए पहुंची सीबीआई की टीम और पुलिस के बीच हुए टकराव के बाद बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी रविवार रात धरने पर बैठ गईं। ममता ने इसे सत्याग्रह का नाम दिया है। ममता ने कहा कि मैं अपनी जान देने के लिए तैयार हूं लेकिन कोई समझौता नहीं करूंगी। जब केंद्र ने तृणमूल कांग्रेस के नेताओं को हाथ लगाया तो मैं सड़क पर नहीं आई। मुझे इस बात पर नाराजगी है कि केंद्र ने एक वरिष्ठ पद (कोलकाता पुलिस कमिश्नर) का अपमान किया। इससे पहले धरने के बीच ही ममता ने पुलिसवालों को सम्मानित किया। इस दौरान पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार साथ खड़े थे।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, आंध्र के सीएम चंद्रबाबू नायडू, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, मनसे के राज ठाकरे समेत 9 विपक्षी दलों के नेताओं ने ममता का समर्थन किया है। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल ने भी इस मसले पर ममता बनर्जी से फोन पर बात की।

भाजपा ने कहा- गेट वेल सून राहुलजी

सीबीआई-पुलिस विवाद को लेकर सोमवार को राज्यसभा और लोकसभा में हंगामा हुआ, जिसके बाद दोनों सदन दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिए गए। केंद्रीय इस्पात मंत्री बीरेंद्र सिंह ने कहा कि राज्य के लिए संविधान के दायरे में रहकर काम करना ही उचित रहेगा। वरना वे ध्यान रखें कि राष्ट्रपति शासन का भी विकल्प है। ममता के धरने को राहुल के समर्थन पर भाजपा ने ट्वीट कर राहुल को पर्सनैलिटी डिसऑर्डर का शिकार बताया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। भाजपा ने राहुल के वो ट्वीट शेयर किए, जिसमें वे ममता का विरोध कर रहे हैं।

यह संविधान की हत्या नहीं तो और क्या है: भाजपा
भाजपा नेता प्रकाश जावड़ेकर ने कहा- हम पूछना चाहते हैं कि ममता धरने पर क्यों बैठी हैं? पुलिस कमिश्नर को बचाना चाहती हैं या खुद को बचाना चाहती हैं? क्या छिपाना चाहती हैं? चिटफंट मामले में तृणमूल के सांसद और मंत्री गिरफ्तार हुए, तब ममता ने धरना नहीं दिया। पुलिस कमिश्नर के पास ऐसा क्या है, जिन्हें बचाने के लिए ममता सड़क पर बैठ गई हैं। एक लाल डायरी, एक पेन ड्राइव का जिक्र आया था, जिसमें कई लोगों का नाम है, पेमेंट की जानकारी है। क्या उससे बचना चाहती हैं ममता? जिसे चिटफंड घोटाले के सभी राज मालूम हैं, उसे और खुद को बचाने के लिए ममता धरने पर बैठी हैं। मुख्यमंत्री के घर बैठक हो और वे उठकर पुलिस कमिश्नर के घर चली जाएं, ये भी पहली बार हुआ है। यह संविधान की हत्या नहीं तो और क्या है?

भाजपा चोर पार्टी है, हम नहीं- ममता

ममता बनर्जी ने कहा, ''देश नरेंद्र मोदी से परेशान हो चुका है। आज इमरजेंसी से भी बुरे हालात हैं। हमारा धैर्य जवाब दे रहा है। केंद्र सरकार सीबीआई पर कार्रवाई का दबाव डाल रही है। मोदी ने सीबीआई से कहा है कि कुछ तो करो।"

"भाजपा चोर पार्टी है हम नहीं। कोलकाता में हमारी रैली के बाद मोदी और अमित शाह हमारे पीछे पड़ गए हैं। भाजपा की एक्सपायरी डेट करीब है।''

''पुलिस कमिश्नर के घर पर छापेमारी अजीत डोभाल के इशारे पर की गई। राजीव कुमार दुनिया के बेहतरीन पुलिस अफसर हैं। चिटफंड घोटाले में हमने जांच की, गिरफ्तारियां भी हुईं। सीबीआई टीम बिना वारंट के पुलिस कमिश्नर के घर पहुंची थी।''

''मेरा काम सबको सुरक्षा देना है। मोदी के खिलाफ हमें एक होना है। मोदी को हटाकर देश बचाओ। आज देश के संघीय ढांचे और संविधान पर हमला किया जा रहा है। मैं लोकतंत्र को बचाने के लिए धरने पर बैठूंगी। कल विधानसभा में बजट भी पेश नहीं करूंगी।''

केंद्र-बंगाल में 3 महीने में 3 बार टकराव

16 नवंबर 2018: सीबीआई को राज्य में जांच से रोका
ममता ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह सीबीआई और दूसरी एजेंसियों का इस्तेमाल अपने फायदे के लिए कर रही है। ममता सरकार ने प. बंगाल में सीबीआई को जांच करने से रोक दिया। डीएसपीई एक्ट के मुताबिक, सीबीआई को राज्यों में जाकर जांच करने का अधिकार है, लेिकन इसके लिए आम सहमति जरूरी होती है।

6 दिसंबर 2018: ममता ने भाजपा को रथ यात्रा की इजाजत नहीं दी
प. बंगाल सरकार ने राज्य का माहौल बिगड़ने का हवाला देते हुए भाजपा को रथ यात्रा की इजाजत नहीं दी। इस फैसले के खिलाफ भाजपा कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची। यहां सिंगल बेंच ने भाजपा को रथ यात्रा की इजाजत दी, लेकिन डिवीजन बेंच ने इस फैसले को पलट दिया। इसके बाद भाजपा सुप्रीम कोर्ट पहुंची। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि भाजपा रथ यात्रा के लिए रिवाइज्ड प्लान करे। अदालत ने ममता सरकार से कहा कि भाजपा को जनसभा और रैलियों की इजाजत दी जाए।

29 दिसंबर 2018: डेटा शेयरिंग से ममता का इनकार
ममता बनर्जी ने राज्य के सभी विभागों से कहा कि वे केंद्र के साथ डेटा शेयर ना करें। उन्होंने कहा कि केंद्र राज्य को नियंत्रित करने के लिए इस डेटा का इस्तेमाल कर रहा है और यह संघीय ढांचे में दखल है। ममता सरकार ने आयुष्मान भारत समेत केंद्र की कई योजनाएं भी प. बंगाल में लागू नहीं कीं।

योगी का हेलिकॉप्टर नहीं उतरने दिया
दक्षिणी दिनाजपुर जिले में रविवार को उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यानाथ की गणतंत्र बचाओ रैली होनी थी। लेकिन, राज्य सरकार ने पूर्व सूचना के बगैर योगी के हेलिकॉप्टर उतारने की मंजूरी रद्द कर दी। इसके चलते सीएम योगी रैली में नहीं पहुंच पाए। इसके बाद उन्होंने फोन और ऑडियो लिंक के जरिए लोगों को संबोधित किया।

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