सुबह सिवनी-मालवा और दोपहर में बैतूल में तेज बारिश के साथ गिरे ओले

प्रदेश के सिवनी-मालवा में सुबह और बैतूल में दोपहर के समय तेज बारिश के साथ जमकर ओले गिरे। शहडोल और रीवा संभाग में भी बारिश हुई। प्रदेश के अन्य जिलों में भी घना कोहरा छाया रहा। शुक्रवार को भी कोहरा छाए रहने की संभावना है। मौसम का असर रेल की चाल पर पड़ा है। गुरुवार को दिल्ली की ओर से आने वाली सभी ट्रेनें भोपाल स्टेशन पर लेट पहुंची।

कश्मीर में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर पूरे मध्य प्रदेश पर हो गया है। इस सीजन में स्ट्रांग सिस्टम से कश्मीर घाटी में जमकर बर्फबारी हो रही है। वहीं मैदानी क्षेत्रों में कहीं घना कोहरा छाने के साथ बारिश हो रही है। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार ऊपरी सतह (जमीन से 15 किमी ऊपर) में तेज हवा चला रही है। इससे उत्तर भारत में कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इससे दिन व रात का तापमान गिरवाट दर्ज की गई है।

गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज ऐसा ही रहेगा। रीवा, सागर, ग्वालियर, भोपाल, जबलपुर संभाग सहित नीमच शाजापुर, मंडला जिलों में घना कोहरा छाया रहेगा। वहीं रीवा, शहडोल, सागर जबलपुर, ग्वालियर-चंबल संभाग सहित नीमच और मंदसौर जिलों में बारिश की संभावना है।

ग्वालियर में शून्य रही दृश्यता: गुरुवार को कोहरे का सबसे ज्यादा असर ग्वालियर-चंबल संभाग में रहा। यहां दृश्यता शून्य हो गई। सुबह 6 बजे दृश्यता 3 किमी से घटकर 50 मीटर दर्ज की गई। भोपाल एयरपोर्ट पर दिल्ली और मुंबई से आने वाली फ्लाइट सुबह साढ़े नौ बजे के बाद लैंड हो पाईं। रेल यातायात पर भी इसका असर पड़ा है। भोपाल एक्सप्रेस और शताब्दी एक्सप्रेस डेढ़ घंटे की देरी से भोपाल पहुंची।  

आधी रात के बाद बदला मौसम: भोपाल में आधी रात के बाद पश्चिमी विक्षोभ ने अपना असर दिखाया और मौसम बदल गया। हालांकि न्यूनतम तापमान में तो खास गिरावट दर्ज नहीं गई। लेकिन शहर पर घना कोहरा छा गया। पांच से सात किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलने लगीं। तड़के होते होते घना कोहरा छा गया। एयरपोर्ट पर सुबह छह बजे दृश्यता 50, साढ़े आठ बजे 200 और साढ़े नौ बजे 1000 मीटर दर्ज की गई। दृश्यता बढ़ने के बाद साढ़े नौ बजे के बाद फ्लाइट लैंड हो पाई। वहीं ग्वालियर में कोहरे का सबसे ज्याजा असर देखा जा रहा है। ट्रेनों की रफ्तार थम गई है। कई ट्रेन देरी से चल रही हैं। 

दो वजह

बंगाल की खाड़ी से गर्म हवा आ रही है और दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत उत्तर भारत में बारिश होने से आ रही नम हवा आपस में मिल रही हैं।

साइक्लोनिक सर्कुलेशन 0.9 किमी ऊंचाई पर दक्षिण पूर्व उत्तर प्रदेश और उसके आसपास बना है। साथ ही नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस भी पश्चिमी हिमालय रीजन में बना है। (वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक पीके साहा के अनुसार)
क्या होता है फ्रीजिंग लेवल : आसमान में जहां तापमान शून्य होता है, उसे जमाव बिंदु या फ्रीजिंग लेवल कहते हैं। सामान्य तौर पर इन दिनों इसे 4400 मीटर होना चाहिए, लेकिन इन दिनों यह 3800 मीटर पर ही है। जितनी ज्यादा ठंड होती है, यह उतना नीचे होता है।

Comments

Popular posts from this blog

外汇局:中国外汇市场运行总体平稳 外汇供求基本平衡

"Альтернатива для Германии" выступила на выборах в двух восточных

فيروس كورونا: حفل زفاف عبر فيسبوك بعد حظر التجمعات بسبب تفشي الوباء